सोयाबीन
सोयाबीन की फसल में Nacro Biotech उत्पादों के चरण-दर-चरण उपयोग की मार्गदर्शिका
किस चरण पर क्या उपयोग करें
- • मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने
- संरचना सुधारने और आवश्यक पोषक तत्व देने के लिए 8-10 टन गोबर खाद प्रति एकड़ डालें।
- • 100-200 kg नीम खली प्राकृतिक कीट निवारक और जैविक उर्वरक है।
- • PSB डालें: मिट्टी में स्थिर फॉस्फोरस को उपलब्ध रूप में बदलता है।
- KSB: मिट्टी के खनिजों में बंद पोटैशियम को मुक्त करता है।
- ZSB: अघुलनशील जिंक को घुलनशील रूप में बदलता है।
- VAM: जड़ों का सतह क्षेत्र बढ़ाकर जल और पोषक अवशोषण बढ़ाता है।
- Organic Carbon: मिट्टी की उर्वरता सुधारने के लिए Organic Carbon (2-3 kg / एकड़) डालें।
- Nacro Win: Nacro Win (50-100 kg / एकड़) डालें।
- Nacro O2: ऑक्सीजन धीरे-धीरे छोड़कर जड़ क्षेत्र में ऑक्सीजन उपलब्धता बढ़ाता है।
- अधिक जल या कठोर मिट्टी से जड़ों का दम घुटना रोकता है।
- स्वस्थ
- सफेद
- सक्रिय जड़ वृद्धि को बढ़ावा देता है।
- Mr. Soil: पोषक उपलब्धता और अवशोषण बढ़ाता है। मजबूत जड़ वृद्धि को बढ़ावा देता है।
- मिट्टी की जल धारण क्षमता सुधारता है।
कार्बन प्रतिशत और मिट्टी का स्वास्थ्य सुधारने तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए।
- Seed Cure: 10 ml Seed Cure मिलाएँ। 1 kg सोयाबीन बीज को 8–10 ml घोल से उपचारित करें। उपचारित बीज को बुवाई से पहले छाया में सुखाएँ।
- अंकुरण बढ़ाने और मिट्टी जनित रोगों से बचाव हेतु TSB-99 घोल (100 g / आधा किलो बीज) प्रयोग करें।
बीज सड़न रोकता है।
एकसमान अंकुरण सुनिश्चित करता है।
स्वस्थ जड़ ग्रंथियाँ बनने को बढ़ावा देता है।
- Nacro Shakthi – 1 लीटर छिड़काव
- Nacro Carbon Pro (तरल) – 500 ml छिड़काव
- Nacro Oxygen – 500 g ड्रिप द्वारा
मजबूत तने की वृद्धि को बढ़ावा देता है, स्वस्थ पत्ती विकास को प्रोत्साहित करता है, फसल की प्रारंभिक शक्ति सुधारता है।
- Phospho (तरल) – 500 ml छिड़काव
- Nacro Micro – 1 g / लीटर पानी
- Suraksha – 250 g छिड़काव (रोकथाम हेतु)
शाखा बनना बढ़ाता है। फूल कलियाँ बनने को बढ़ावा देता है, पौधे का स्वास्थ्य सुधारता है।
- Nacro Gold – 1 लीटर छिड़काव
- Groster – 1 लीटर छिड़काव
- Carbon (तरल) – 500 ml छिड़काव
पुष्पन सुधारता है, फली बनना बढ़ाता है। फूल झड़ना कम करता है।
- Nacro Oxygen (चूर्ण) – 1 kg ड्रिप द्वारा
- Nacro Carbon (तरल) – 500 ml छिड़काव
- Suraksha – रोग दिखाई देने पर
फली भरना बेहतर करने में सहायक, मोटे दाने बनने को बढ़ावा देता है, दाने की गुणवत्ता और उपज सुधारता है।
सोयाबीन में अपेक्षित लाभ
बेहतर जड़ ग्रंथियाँ बनना।
मजबूत शाखा बनना।
अधिक पुष्पन एवं फली बनना।
मोटे दाने।
उपज में अधिक बढ़ोतरी
फसल की प्रारंभिक शक्ति सुधारता है।
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